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स्वाइन फ्लू और किकी चैलेंज के बाद आई एक और नई बीमारी

स्वाइन फ्लू और किकी चैलेंज के बाद देश में एक और महामारी फैल गई है. इस लाइलाज बीमारी से देश भर के लाखों युवा और यहां तक की अधेड़ उम्र के अंकल-आंटियां भी ग्रसित हो चुकी है. 

ऑल इंडिया बक्चोद एसोसिएशन के साइंटिस्ट, सोशल मीडिया पर अचानक फैली इस बीमारी का इलाज ढूंढने में लगे हैं, हालांकि अभी उनके हाथ सफलता नहीं लग पाई है. 

इस बीमारी से ग्रसित हुए बेरोजगार गुड्डू भैया सोशल मीडिया पर अपने एक तरफ 2009 के खाली पर्स की और दुसरी तरफ 2019 में भी खाली हुए पर्स की फोटो पोस्ट करते हैं. इस मामले पर बबलू भैया टिप्पणी करते हुए कहते हैं, बस बनमानुस सा शरीर बना लिया है और उपर से सोशल मीडिया पर ऐसी बक***दी करेंगे तो पर्स तो खाली होगा ही. 

यही नहीं अपने बकैत एडवरटाइजमेंट के लिए कुख्यात फेवीकॉल ब्रांड ने 10 ईयर के चक्कर में 10 सालों से एक बच्चे की फेवीकोल के डिब्बे पर टिका रखी है. हालांकि फेविकोल ने बच्चे के कंफर्ट का बिल्कुल ध्यान रखते हुए दिन में दो बार उसके हगने और मुतने का समय निर्धारित किया है. 

भारत का एकमात्र सख्स जिसे यह बीमारी दूर-दूर तक छू भी नहीं पायेगी, वो है अपना लखन

सदी के सबसे दर्दनाक मौत अगर किसी की हुई है तो वो है… 

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